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निगम द्वारा लगाए गए प्रोफेशनल टैक्स विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रदेश अध्यक्ष का साथ देने नहीं पहुंचे बड़े नेता


प्रदेश कांग्रेस में गुटवाजी रूकने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस आलाकमान भले ही चौधरी अनिल कुमार को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया हो पर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के लगातार उपेक्षा के कारण पार्टी द्वारा शक्ति परीक्षण के दौरान लगातार अलग-थलग पड़ते जा रहे है। विरोधी पाटिर्यों को शक्ति प्रदर्शन कर एक जुटता दिखाने के दौरान भी बड़े नेता के साथ कार्यकर्ताओं की भीड़ भी कम होती जा रही है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा दक्षिणी निगम द्वारा प्रोफेशनल टैक्स लगाने और अन्य टैक्सों में बढ़ौतरी के खिलाफ सिविक सेन्टर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान भी यही नजारा देखने को मिला।

इस प्रदर्शन के दौरान भी उन्हें वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं का साथ उन्हें नहीं मिल रहा है। प्रदर्शन में उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष जय किशन, अभिषेक दत, मुदित अग्रवाल, , पूर्व विधायक अमरीश गौतम, भीष्म शर्मा जैसे नेताओं का साथ तो मिला। पर इस बार भी भाजपा शासित दक्षिण निगम के विरूद्ध प्रदर्शन के दौरान पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन, जयप्रकाश अग्रवाल, अरविंदर सिंह लवली, डा. वालिया, मुकेश शर्मा जैसे अग्रिम पंक्ति के नेता उनसे दूरी बनाए रखी। हाथों में भाजपा विरोधी बैनर और प्लेकार्ड लिए नारे लगाते प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ता सिविक सेन्टर की ओर बढ रहे थे उन्हें पुलिस ने रोक दिया।

अनिल कुमार ने अपने प्रदर्शनकारियों को कहा कि मोदी-शाह की जोड़ी शांति पूर्वक विरोध प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को दबाने का हर संभव प्रयास कर रही है, परंतु कांग्रेस किसी भी दवाब में नही आएगी। निगम असंवेदनशील तरीके से काम करके व्यावसायिक कर, अनधिकृत कॉलोनी टैक्स और स्टैंप ड्यूटी टैक्स लगाकर लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है जबकि लोगों को इस कोरोना काल में अपनी जीविका चलाने में मुश्किले हो रही है। टैक्स में संशोधित बढ़ौत्तरी करने की बजाय मोदी सरकार और अरविन्द सरकार से उन्हें स्पेशल वित्तिय पैकेज की मांग करनी चाहिए ताकि दिल्ली नगर निगम को दिल्लीवालों पर कोई नया टैक्स न थोपना पड़े।

पर इस बारे में प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक दत्त ने बताया कि ऐसी बात नहीं है, अजय माकन राजस्थान है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए 65वर्ष से अधिक नेताओं को पब्लिक फोकस में पार्टी नहीं ला रही है। वंही सूत्रों का कहना है किसी तरह से पद पाने में कामयाब हो गए पर उन्हें पार्टी के बड़े नेता तबज्जो नही दे रहे है।

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