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नाव पर 25 लोगों के बैठने की जगह, 60 सवार; मुरैना के मितावली मंदिर के 64 कमरों में 64 शिवलिंग, सबके साथ इतनी ही योगनियां

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यह फोटो बिहार के बेगूसराय जिले के रसलपुर घाट का है। यहां आसपास के गांव के लोग नाव से गंगा पार करते हैं। शनिवार शाम एक नाव पर 60 लोग सवार होकर रसलपुर घाट से हरदासपुर जा रहे थे, जबकि इस नाव की कैपेसिटी 25 लोगों को बैठाने की थी।
राज्य में इस समय गंगा समेत ज्यादातर नदियां उफान पर हैं। ऐसे में हादसे की आशंका बढ़ जाती है। इस तरह सफर करने से कोरोना महामारी के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का नियम भी तोड़ा जा रहा है।

तांत्रिक विद्या सीखने आते थे यहां लोग

यह है 9वीं सदी का ऐतिहासिक मितावली मंदिर, जिसे चौसठ योगिनी मंदिर भी कहा जाता है। ऊंची पहाड़ी पर गोलाकार आकृति में बने इस मंदिर में 64 कमरे में हैं और हर कमरे में शिवलिंग के साथ योगिनियां हैं। इसे तांत्रिकों का विश्वविद्यालय भी कहा जाता था, जहां पहले देशभर के लोग तांत्रिक विद्या सीखने आते थे।

बारिश के बाद छाई हरियाली ने इसकी सुंदरता बढ़ा दी है। यूं तो अक्सर यहां पर्यटक आते हैं, लेकिन सोमवार को बड़ी संख्या में आसपास के लोग भी पूजा करने पहुंचते हैं।

औसत से कम हुई बारिश

इंदौर के साथ आसपास भी बारिश रूठी हुई है। सावन खत्म होने के बाद भी औसत से कम पानी गिरा। तालाब आधे भी नहीं भरे। आसपास के झरनों में पानी कम ही आया है। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बारिश से हरियाली जरूर छा गई है। यह फोटो शहर से 60 किमी दूर जोगी भड़क के झरने की है। यह एबी रोड पर मानपुर से 7 किमी दूर ढाल गांव में है।

रणथंभौर के जंगल में बेहतरीन नजारा

यह नजारा रणथंभौर के जंगल में दिखा। यूं तो जंगल का मुख्य हिस्सा बंद है, लेकिन जो एरिया सफारी के लिए खुला है, उसके जोन-6 में 7 फीट लंबे अजगर और बंदरों के बीच आंख मिचोली का नजारा वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर सुरेंद्र चौहान ने कैद किया। चौहान ने बताया कि अजगर शायद पेड़ पर पक्षियों के अंडे तलाशने के लिए चढ़ा था, तभी बंदरों के झुंड ने उसे देखकर शोर मचा दिया।

कपास की फसल बर्बाद कर रहे हिरण

आमतौर पर हिरण और उनके झुंड को उछल-कूद करते देखना रोमांचकारी होता है, लेकिन महाराष्ट्र के बीड जिले में कुछ हिरण किसानों के लिए परेशानी बन गए हैं। शिरूर इलाके में घुस आए करीब 150 हिरण कपास की फसल तबाह कर रहे हैं। किसान इन्हें जंगल में छोड़ने की मांग कर रहे हैं। शिरूर क्षेत्र में करीब 47 हजार हेक्टेयर में कपास की बुआई की गई है।

सावन माह की पांचवीं सवारी शाम 4 बजे

रक्षाबंधन के मौके पर महाकालेश्वर के गर्भगृह से लेकर नंदीगृह तक को कागज के फूलों से सजाया गया। आज महाकाल को पुजारी परिवारों की ओर से राखी बांधी जा रही है। 11 हजार लड्डुओं का महाभोग लग रहा है। शाम को सावन की पांचवीं सवारी भी निकाली जाएगी।
भगवा साफा पहनाकर भगवान का शृंगार

भगवान काशीविश्वनाथ ने रविवार को बरसते पानी के बीच नर्मदा में नौका विहार किया। 2 नावों में 10 श्रद्धालु सवार थे। इससे पहले घाट पर भगवान के 11 किलो वजनी चांदी के मुखौटे का अभिषेक-पूजन किया गया। शाम करीब 5.30 बजे भगवान को मंदिर से काशी विश्वनाथ घाट लाया गया। यहां पूजन और अभिषेक के बाद भगवान को भगवा साफा पहनाकर शृंगार किया गया।

हर साल भगवान की शाही सवारी के तहत होने वाले नौका विहार में 10 नाव पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सवार होते थे, लेकिन इस बार महामारी के चलते कम लोग जुटे और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा गया।

सावन महीना अलग-अलग समाज में अलग-अलग

भगवान शिव का प्रिय महीना सावन मेवाड़ी रीति से पूर्णिमा पर समाप्त होगा। वागड़ में गुजराती और महाराष्ट्र की परंपरा के अनुसार इस महीने के 15 दिन पूरे हुए हैं। राजस्थान के डूंगरपुर से 2 किमी दूर उदयविलास पैलेस के आगे हजारेश्वर महादेव मंदिर है। इस मंदिर में विश्वेश्वर महादेव स्थापित हैं।

मंदिर में ही 10 इंच ऊंची वर्गाकार पीठिका बनी हुई है। इसके मध्य जलाधारी बनी है। इस पर 121 एकादश रुद्र रूप में विराजमान हैं। इसके चाराें कोनों में रुप्रद पंचायतन देवताओं के यंत्र और बीजाक्षर बने हैं। करीब 300 साल पुराना यह मंदिर वास्तुकला का नायाब उदाहरण है।

भाई की कलाई पर आज सज रही राखी

रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर रविवार को पंजाब में सभी बाजार खुले और लोगों ने खूब खरीदारी की। हालांकि, मीना, अटारी और रैणक बाजार के दुकानदारों को शिकायत रही कि अगर बाजार 2 दिन पहले रविवार को खुलने का आदेश हो जाता तो बेहतर हाेता। हर साल गांव के लोग भी खरीदारी करने आते थे, लेकिन इस बार महामारी के कारण ऐसा नहीं हुआ।

अयोध्या में तैयारियां जोरों पर

अयोध्या में 5 अगस्त को होने वाले राम मंदिर निर्माण के नींव पूजन कार्यक्रम की तैयारियां आखिरी दौर में हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भूमि पूजन का पहला निमंत्रण श्रीरामलला विराजमान के चारों भाइयों और बाल हनुमान को दिया है।

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Rakshabandhan currently; Rakhi of sister dressed on brother’s wrist, closing Monday of Sawan; The sanctum sanctorum of the Mahakal temple is embellished with paper plants

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