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फ्लैट देने के नाम पर दो बार अलग-अलग करार किया, नहीं दिया फ्लैट


द्वारका एक्सप्रेस वे पर एक प्रोजेक्ट में फ्लैट के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में शिकायत के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले की जांच की। जांच में मामला सही पाया गया। इसी जांच रिपोर्ट पर सुशांत लोक थाना पुलिस ने रियल एस्टेट कंपनी के प्रेजीडेंट सहित चार पर धोखाधड़ी व साजिश रचने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने कंपनी से रिकॉर्ड लेकर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों को नोटिस कर जांच में शामिल किया जाएगा।

रेवाड़ी निवासी नम्रता कुमारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने वीएसआर इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड से चार अक्टूबर, 2012 को एक करार किया था। द्वारका एक्सप्रेस वे पर गांव बजघेड़ा के निकट एक सर्विस अपार्टमेंट के लिए यह करार हुआ था। तीन साल में यह अपार्टमेंट देने की बात कंपनी की ओर से हुई थी। इसके बाद किश्तों में कंपनी ने 40 लाख रुपए की रकम भी ले ली। 2015 तक अपार्टमेंट पर कब्जा देना था। लेकिन 2017 तक भी नहीं दिया गया। काफी समय तक वह टाल-मटोल करते रहे। इसके बाद सोहना रोड पर अपने एक दूसरे प्रोजेक्ट में अपार्टमेंट देने की बात कही। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद उसने सोहना रोड वाले प्रोजेक्ट में भी 12 दिंसबर, 2017 को अपार्टमेंट लेने का करार कर लिया। इसके कुछ दिन बाद कंपनी ने अपार्टमेंट के कागजात उनके पास भेज दिए।

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