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ईडब्ल्यूएस वर्ग के फ्लैटों की रजिस्ट्री करने के मामले में तहसीलदार, नायब तहसीलदारों सहित 12 पर केस


गुड़गांव में एक सप्ताह पहले ही लॉकडाउन के दौरान अवैध कालोनियों में बिना एनओसी रजिस्ट्री करने के मामले में पांच नायब तहसीलदार व तहसीलदार को सस्पेंड व चार्जशीट करने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था। वहीं अब गुड़गांव में आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग स्कीम के फ्लैटों की रजिस्ट्री करने पर छह नायब तहसीलदारों समेत 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। इन फ्लैटों की रजिस्ट्रियां वर्ष 2013 से लेकर 2017 तक बादशाहपुर और गुड़गांव तहसील में हुई हैं।

सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने तीन फ्लैटों की रजिस्ट्री को आधार बनाकर जांच की थी। जांच में सैकड़ों रजिस्ट्रियों में गड़बड़ियों मिली हैं। करीब आठ महीने की जांच के बाद सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने सेक्टर-29 थाने में मामला दर्ज कराया है। आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। इस मामले में अधिकार ग्रुप के आरटीआई कार्यकर्ता रमेश यादव व बलबीर सिंह ने 9 मार्च 2018 को एक शिकायत डीसी गुड़गांव को दी थी, जिसमें लगातार जांच के बाद अब कार्रवाई की गई है।

सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के तत्कालीन डीएसपी जितेंद्र गहलावत ने बताया कि उन्हें जनवरी 2019 में शिकायत मिली थी कि ईडब्ल्यूएस फ्लैट की समय से फर्जी रजिस्ट्री करवाई गई हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने शिकायत को आधार बनाकर जांच शुरू की। प्राथमिक तौर पर जांच में 71 बिल्डर कंपनियों द्वारा ईडब्ल्यूएस स्कीम के तहत फ्लैट बनाए गए थे। इस मामले में सीएम फ्लाइंग ने चार बिल्डर कंपनियों से ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का रिकॉर्ड मांगा। इस रिकॉर्ड में सामने आया कि लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने फ्लैट को पांच वर्ष के निर्धारित समय को पूरा किए बिना ही एक से डेढ़ साल के बाद ही दूसरे लोगों के नाम रजिस्ट्री करा दी।

बिना एनओसी रजिस्ट्री करने पर 6 नायब तहसीलदार व 1 तहसीलदार हो चुके सस्पेंड

गुड़गांव में बिना एनओसी रजिस्ट्री किए जाने के मामले में गत 31 जुलाई को ही प्रदेश सरकार ने एक तहसीलदार व पांच नायब तहसीलदारों को सस्पेंड किया था। वहीं अब ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के मामले में छह नायब तहसीलदारों के नाम सामने आए हैं। सीएम फ्लाइंग स्क्वायड की ओर से इन तहसीलदारों समेत फ्लैट खरीदने और बेचने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया है।

वर्ष 2013 से 2017 तक हुईं रजिस्ट्रियां

सीएम फ्लाइंग स्क्वायड की जांच में सामने आया कि जो फ्लैट ईडब्ल्यूएस के तहत गरीब परिवारों को कम कीमत पर दिए गए थे। उन फ्लैटों की रजिस्ट्री खरीदारों ने नायब तहसीलदारों की मिलीभगत से अपने नाम करा लीं। यह सभी रजिस्ट्रियां चार सालों में 2013-17 तक कराई गईं थी। इस मामले में सीएम फ्लाइंग स्क्वायड की ओर से तीन फ्लैट खरीदार और बेचने वालों के खिलाफ दर्ज कराया। खरीदार गिरीश कुमार निवासी सेक्टर-46, बेला सिंह निवारी महाराष्ट्र और मनीषा निवासी दिल्ली वहीं फ्लैट बेचने वाले हेमंत कुमार निवासी सुभाष नगर गुड़गांव, कमलेश निवासी सूरत नगर गुड़गांव और नीरज कुमार निवारी राजेंद्रा पार्क गुड़गांव के खिलाफ मुकदमा कराया। वहीं इस दौरान तहसीलों में रहने वाले नायब तहसीलदार ओम प्रकाश, रूपेंद्र सिंह, ओम प्रकाश यादव, इंद्रजीत, रामचंद्र और जगदीश बिश्नोई के खिलाफ भी केस दर्ज कराया गया है।

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गुड़गांव. वजीराबाद तहसील कार्यालय।

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