Press "Enter" to skip to content

13 साल पहले जहां नक्सलियों ने तोड़ा था आश्रम, वहीं अब ग्रामीणों ने बना लिया स्कूल, अभी 7 किमी दूर जाना पड़ता था


छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के नहाड़ी में 13 साल बाद फिर एक बार बच्चे अपने गांव के स्कूल में पढ़ेंगे। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से शीट की छत और झाड़ियों की दीवार के सहारे यहां अस्थायी स्कूल तैयार कर लिया है। 2007 में नक्सलियों ने नहाड़ी के 100 सीटर आश्रम तोड़ दिया था। जिसके बाद नहाड़ी के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए अरनपुर तक जाना पड़ता था।

नहाड़ी के ग्रामीण लंबे समय से गांव में स्कूल खोले जाने की मांग करते आ रहे थे। पंचायत ने भी कोशिश की लेकिन पक्का भवन नहीं बन पाया। कोरोना की वजह से स्कूल अभी बंद हैं, लेकिन नहाड़ी के इस अस्थायी स्कूल में ग्रामीणों ने मोहल्ला क्लास लगवाने की तैयारी की है।

बाढ़: बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ

भारी बारिश और बाढ़ के कारण चलते केरल के इडुक्की जिले के राजमला इलाके में भूस्खलन हो गया। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लोगों को बचाया गया है। 57 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया है। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है। पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। केरल के राजस्व मंत्री ई चंद्रशेखरन ने कहा है कि चार श्रमिक शिविरों में लगभग 82 लोग रह रहे थे।

आंदर हाईस्कूल में अंकपत्र के लिए लाइन में छात्र

सीवान जिले के आंदर हाईस्कूल में मैट्रिक का अंकपत्र लेने पहुंचे विद्यार्थियों ने न तो सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा और न ही किसी ने मास्क ही लगाया था। दूसरों को नसीहत देने वाले शिक्षक भी लापरवाह दिखे। जिले में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बाद भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है।

नागी डैम में छोड़ा जाएगा कछुआ

बिहार के जमुई जिले के झाझा स्थित रेलवे फिल्टर हाउस से शुक्रवार को एक विशाल कछुआ को लोगों ने वाल्व चैंबर से बड़ी मशक्कत के बाद निकाला। रेलवे फिल्टर हाउस के वाल्व चैंबर के गड्ढे में 60 से 65 किलो का विशाल कछुआ बगल के ही रेलवे तालाब से किसी तरह आ गया और वहां आकर फंस गया। पावर हाउस एवं आईओडब्लू कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद चैम्बर में फंसे कछुए को निकाला और वनविभाग को सौंप दिया। वनकर्मी ने बताया कछुआ को नकटी डैम में छोड़ा जाएगा।

30 लाख कीमत के हीरे मिले

मध्य प्रदेश में पन्ना की जरुआपुर उथली खदान से गुरुवार को एक मजदूर को एक साथ तीन हीरे मिले। मजदूर को मिले हीरों का वजन करीब साढ़े 7 कैरेट है। इसमें एक 4.43, दूसरा 2.16 और तीसरा 0.93 कैरेट का है। इन हीरों की कीमत करीब 30 लाख रुपए आंकी जा रही है। हीरा अधिकारी आरके पांडेय ने कहा कि ये हीरे आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखे जाएंगे।

सामान्य से नीचे आया बारिश का आंकड़ा

भोपाल में पूरा सावन सूखा बीता। हालांकि जून में मानसून की आमद के साथ हुई अच्छी बारिश के कारण आंकड़ा सामान्य से ऊपर ही बना हुआ था। लेकिन भोपाल में बारिश का आंकड़ा अब माइनस में पहुंच गया है। अब तक 23.89 इंच बारिश हुई है जो कि सामान्य बारिश से 0.91 इंच कम है। भादो की शुरुआत बारिश से हुई, लेकिन अब भी तेज बारिश का इंतजार है। शहर को सिर्फ फुहारों से तसल्ली करनी पड़ रही है। कम बारिश का असर बड़े तालाब के जलस्तर पर भी पड़ रहा है। पिछले 48 घंटे में बड़े तालाब का लेवल 0.15 फीट कम हो गया। गुरुवार को जलस्तर 0.10 और शुक्रवार को 0.05 फीट कम हुआ।

Download Dainik Bhaskar App to read Most modern Hindi News At the unique time

13 years within the past, where the Naxalites broke the ashram, now the villagers constructed the school, aloof had to transfer 7 km away.

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *