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आशाओं के ज्ञापन देने और जेल भरो आंदोलन के बाद राहत नहीं मिली तो आंदोलन चार दिन के लिए और बढ़ाया


पूर्व में अपनी मांगों का ज्ञापन देने के बावजूद सरकार द्वारा कोई ध्यान नही दिये जाने और गत 9 अगस्त को जेल भरो कार्यक्रम करने के बाद भी आशा कर्मियों को कोई राहत नही मिलते देख प्रदेश स्तर पर आशाओं ने अपनी हड़ताल को चार दिनों के लिए 13 अगस्त तक बढ़ा दिया है। सोमवार को इसी कड़ी में गुड़गांव के प्रत्येक ब्लाक पर आशा वर्कर्ज काम छोड़ कर धरने पर बैठी रही। गुड़गांव में मीरा देवी, पटौदी में रानी व सोहना में रीना की अध्यक्षता में आशाओं ने अपनी मांगों के लिए आवाज़ उठाई।

स्थानीय स्तर पर ड्यूटी मेजिस्ट्रेटों के माध्यम से अपनी मांगों का ज्ञापन राज्य के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक को भिजवाया। आशा वर्कर्ज यूनियन की ज़िला प्रधान मीरा देवी ने कहा कि हम सरकार की सेवा में 24 घंटे तत्पर रहते हैं और कोरोना महामारी के दौरान तो और भी ज्यादा मानसिक व शारीरिक समस्याएं बढ़ रही हैं लेकिन सरकार के पास आशाओं के लिए काम करवाने के अलावा कोई सहूलियत या सुविधा नाम की चीज नहीं है। अपनी मांगों को बटते हुए उन्होंने कहा कि जनता को गुणवता स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत किया जाए व एनएचएम को स्थाई किया जाए। कम्मों, सुनीता, सुमन, गजना, सोहना से, रीना, मीना, रेनू, ललिता पटौदी से व सुदेश आरती पूनम व अन्य सैंकड़ों आशा कर्मियों ने ब्लाक स्तर पर हड़ताल में भाग लिया।

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