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चंडीगढ़ में लोग कोरोना से सुरक्षित रहें इसलिए ‘राधा-कृष्ण’ ने सड़कों पर निकलकर मास्क बांटे, पहली बार लॉकडाउन में जन्मे गोपाल


देश कुछ हिस्सों में कृष्ण जन्माष्टमी मंगलवार को मनाई गई। कोरोना के इस समय में लोग मंदिर नहीं जा सकते, इसलिए चंडीगढ़ में श्रीकृष्ण और राधा खुद मंदिर से बाहर निकल आए। उन्होंने लोगों को माखन की बजाय मास्क बांटे हैं। यह कॉन्सेप्ट सौरभ आर्ट्स की ओर से लाया गया। इसमें भगवान कृष्ण का रूप लिया संजय कश्यप ने और राधा बनीं कशिश कश्यप।

इस युग में पहली बार लॉकडाउन में जन्मे गोपाल

जन्माष्टमी का त्योहार मंगलवार को जमशेदपुर में श्रद्धा के साथ मनाया गया। द्वापर युग में काल कोठरी में जन्म लेने वाले नटखट नंदलाल इस युग में पहली बार लॉकडाउन में जन्मे। इस अवसर पर शहर के मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया। हालांकि, इस साल कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिरों में पिछले साल की तरह झांकियां नहीं सजाई गईं। मंदिरों में भक्तों के आने पर भी रोक रही।

जगमगा रहा है बिरला मंदिर

जन्माष्टमी पर दिल्ली का बिड़ला मंदिर फोकस लाइटों से जगमगा रहा है। इससे पहले हर साल इसे बल्बों की रोशनी से सजाया जाता था, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते मंदिर परिसर के पीछे लगने वाली श्रीकृष्ण भगवान की झांकियां नहीं लगाई गईं। मंदिर के अंदर ही लड्डू गोपाल और श्रीकृष्ण भगवान की झांकी होगी, जिसका श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।

लगातार बढ़ रहा है कोरोना का संक्रमण

फोटो बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया की है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण और लॉकडाउन के बाद भी यहां लोग जागरूक नहीं हो पा रहे हैं। बेतिया के सोआबाबू चौक पर एक पिकअप वैन में कुछ इस तर लोग जाते दिखे। वैन में सामान भी भरपूर लादा गया था। बाजार में भी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिले में लॉकडाउन का छठा चरण चल रहा है। फिर भी लोग बेपरवाह घूमते दिख रहे हैं।

कई घंटों तक बंद रहा रास्ता

मध्य प्रदेश के बीना में मंगलवार दोपहर लगातार 2 घंटे तेज बारिश होती रही। झांसी गेट स्थित अंडर ब्रिज के नीचे करीब 3 फीट पानी भर गया, जिससे कई घंटों तक रास्ता बंद रहा। इस दौरान एक अर्थी लेकर आए लोगों को इसी पानी से होकर निकलना पड़ा।

10 करोड़ खर्च, समस्या जस की तस

अम्बाला में मॉडल टाउन की यह सड़क लगभग एक साल पहले बनकर तैयार हुई है। इस पर 10 करोड़ खर्च हुए। सड़क के साथ नाले भी बनाए गए, लेकिन ठेकेदार ने पेड़ काटने और खंभों को हटाने की परमिशन आने से पहले ही नाला टेड़ा-मेड़ा बना दिया था। यह भी वजह रही है कि यहां जलभराव हुआ।

मुसीबत की बारिश

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में मानसून पूरी तरह एक्टिव है। शिमला के अंब में बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा 149 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। ऊना में 123, बैजनाथ में 62, धर्मशाला में 56, पॉवटा में 54, पालमपुर में 49, देहरा में 44, हमीरपुर में 24 और सुंदरनगर में 24 मिमी बारिश हुई है।

उधर, शिमला और उसके आसपास मौसम साफ बना रहा। यहां पर उमस का प्रकोप जारी है। मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश से 80 सड़कें बंद हैं। मंडी जोन में सबसे ज्यादा 52 सड़कें बंद हैं। शिमला जोन में 10, कांगड़ा जोन में 17 और हमीरपुर जोन में एक सड़क पर वाहनों की अावाजाही बंद रही।

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In Chandigarh, of us must quiet be high quality from Corona, so ‘Radha-Krishna’ went out on the streets and distributed masks to the of us, Gopal change into born in lockdown for the first time.

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