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ठेकेदार को 50 करोड़ अधिक भुगतान घोटाले की चल रही है जांच, निगम के अकाउंट विभाग में लग गई आग


निगम मुख्यालय के अकाउंट ब्रांच में रविवार सुबह रहस्यमय तरीके से आग लग गई। इससे अकाउंट ब्रांच का रिकार्ड व अन्य सामान जल गया। अचानक लगी इस आग को 50 करोड़ रुपए ठेकेदार को अवैध तरीके से किए गए घोटाले की जांच पर पर्दा डालने की साजिश मानी जा रही है। निगम कमिश्नर डॉ. यश गर्ग ने इस अग्निकांड की जांच के लिए निगम अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर की है। यह सोमवार तक जांच रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपेगी। उधर घोटाले का आरोप लगाने वाले निगम पार्षदों ने इसे साजिश के तहत आग लगाए जाने का आरोप लगाया है ताकि घोटाले पर पर्दा डाला जा सके।

उनका आरोप है कि विकास कार्यों से संबंधित फाइलों को ही इसमें जलाया गया है। 50 करोड़ रुपए के कथित घोटाले की जांच अभी चल रही है। चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में अकाउंट ब्रांच से वर्ष 2017 से 2019 तक सभी 40 वार्डों में कराए गए विकास कार्यों की रिपोर्ट अकाउंट ब्रांच से मांगी गई है। लेकिन अभी तक रिपोर्ट चीफ इंजीनियर को नहीं मिल पाई है। इसलिए माना जा रहा है कि उक्त रिकार्ड को जलाने के लिए आग लगाने की साजिश की गई है।

शिकायतकर्ता पार्षदों का आरोप, घोटाले पर पर्दा डालने के लिए लगाई गई है आग

50 करोड़ घोटाले की यह है कहानी| 6 जुलाई को वॉर्ड नंबर 37 के पार्षद दीपक चौधरी ने आरोप लगाया था कि उन्होंने वर्ष 2017 से लेकर 2019 तक के विकास कार्यों का ब्यौरा अकाउंट ब्रांच से मांगा था। इसमें सभी वार्डों में कराए गए विकास कार्यों का ब्यौरा और ठेकेदारों को भुगतान किए गए पैसों की जानकारी मांगी थी। उन्हें ब्यौरा उपलब्ध करा दिया गया। उसका अध्ययन करने के बाद पार्षद ने पाया कि उनके वॉर्ड में 27 ऐसे कार्य हुए हैं जिनमें 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान ठेकेदार को किया गया है। उन्होंने दूसरे वॉर्डों के पार्षदों से संपर्क कर ब्यौरा शेयर कर जानकारी मांगी तो पता चला कि 40 वॉर्ड में से 10 ऐसे हैं जहां कोई काम नहीं हुआ लेकिन ठेकेदार को पेमेंट किया गया है। यह रकम करीब 50 करोड़ रुपए है।

पार्षदों ने घोटाले की जांच की मांग की थी| घोटाले की बात सामने आने के बाद निगम पार्षद दीपक चौधरी, दीपक यादव, महेंद्र सरपंच, सुरेंद्र अग्रवाल ने निगम कमिश्नर डॉ. यश गर्ग से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी देकर इसकी जांच कराने की मांग की थी। कमिश्नर ने चीफ इंजीनियर, ज्वाइंट कमिश्नर और जेडटीओ हेडक्वार्टर की एक टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। अभी इसकी जांच चल रही है। चीफ इंजीनियर ने अकाउंट ब्रांच से विकास कार्यों की पूरी रिपोर्ट मांगी थी लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी कमेटी को कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।

रविवार सुबह पौने आठ बजे लगी आग| रविवार सुबह करीब पौने आठ बजे अचानक अकाउंट ब्रांच में आग लग गई। दमकल विभाग को करीब आठ बजे सूचना मिली। मौके पर पहुंची दमकल गाड़ियों ने करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया। फायर आफिसर आरके खटाना के अनुसार आग लगने से अंदर रखा सामान व फर्नीचर जल गया। लेकिन पानी की बौछारों से अंदर रखे सारे कागजात भीग गए हैं। प्रारंभिक जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। फिलहाल अकाउंट ब्रांच को सील कर दिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग कैसे लगी और कौन सा रिकॉर्ड जला है।

जांच की एक और कमेटी गठित| मामले की जानकारी होने पर निगम कमिश्नर डॉ. यश गर्ग ने एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें एडीशनल कमिश्नर, एनआइटी ज्वाइंट कमिश्नर और चीफ इंजीनियर को शामिल किया गया है। यह कमेटी आग लगने की घटना की जांच कर सोमवार 3 बजे तक अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद कोई कदम उठाया जाएगा।

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फरीदाबाद. निगम मुख्यालय के अकाउंट ब्रांच में लगी आग से जला सामान।

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