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दस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में फरीदाबाद 38वें नंबर पर


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्वच्छता सर्वेक्षण के 5वें संस्करण स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के परिणामों की घोषणा की। स्वच्छता की स्टेट रैंकिंग में 100 से कम शहरी स्थानीय निकाय विभाग वाले राज्यों में 1678.84 स्कोर के साथ हरियाणा दूसरे स्थान पर है। वहीं 10 लाख से ज्यादा की आबादी वाले शहरों में फरीदाबाद जिले को 38वां स्थान मिला। इस कैटेगरी में कुल 56 शहरों को शामिल किया गया था। कुल 6 हजार अंकों में से फरीदाबाद ने 2646 अंक प्राप्त किए हैं।

टॉपटेन में जगह न बना पाने का प्रमुख कारण शौचमुक्त न होना और शत प्रतिशत डोर टू डोर कलेक्शन न होना प्रमुख है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार एक से 10 लाख की जनसंख्या तक की आबादी वाले शहरों में हरियाणा का करनाल शहर 17वें स्थान पर रहा। फरीदाबाद 38वें व गुडग़ांव 62वें पर आया है। निगम अधिकारियों के मुताबिक इस साल 4 जनवरी से स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू हुआ और चार फरवरी तक चला। इस बार मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए 6 हजार अंक निर्धारित किए थे।

इसमें सबसे अहम पब्लिक फीडबैक था। कुल 6 हजार अंकों में से फरीदाबाद मात्र 2646 अंक ही ले पाया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के रिजल्ट को लेकर निगम अधिकारी बेशक अपनी पीठ थपथपा रहे हों लेकिन हकीकत यह है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से शहर की सफाई व्यवस्था में अपेक्षा के अनुसार सुधार नहीं हो पाया। निगम आज भी शत प्रतिशत डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं करा पा रहा। शहर शौचमुक्त भी नहीं बन पाया।

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