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लीवर सिरोसिस

लिवर हमारे शरीर का दसूरा मख्य अगं माना जाता है, इसलिए अपने शरीर का खास ध्यान रखना चाहिए।
लिवर में खराबी होने पर अनेक तरह के समस्या उत्पन्न होने लगती है। जसै की फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस,
हेपेटाइटिस आदि । हमारे शरीर में लिवर कई तरह के जरुरी काम करता है, जसै हानिकारक पदार्थो को दरू
करना, रक्त की सफाई करना और पोषक तत्वों का निर्माण करना आदि है।
यकृत या जिगर या कलेजा शरीर का एक अगं है। इसका कार्य विभिन्न चयापचयों को detoxify करना, प्रोटीन
को सश्ंलेषित करना, और पाचन के लि ए आवश्यक जवैरासायनिक बनाना है
मनष्ुयों में, यह पेट के दाहिने-ऊपरी हिस्सेमेंडायाफ्राम के नीचे स्थित होता है, और मानव शरीर की शरीर की
सबसेबड़ी ग्रथिं है, जो पित्त (Bile) का निर्माण करती है। इसका भार शरीर के भार का 1/50 भाग के लगभग,
प्राय: 1,500 ग्राम से2,000 ग्राम तक होता हैं।
आज आपको लिवर सिरोसिस के बारे मेंबताने वाले है, लिवर सिरोसिस एक ऐसी स्तिथि है जिसमे व्यक्ति के
लिवर में धीमी गति से खराबी आने लगती है, लीवर सिरोसिस होने पर व्यक्ति स्वयंको बीमार महससू करता
है, शरूुआती चरण में कोई खास लक्षण नहीं दिखत,े लेकिन जसै ही बीमारी बढ़ती है लक्षण दिखने शरूु हो जाते
हैं।

कारण

• शराब का अत्यधिक मात्र में सेवन
• हेपेटाइटिस बी और वायरल सी का सक्रंमण
• रक्तवर्णकर्णता (इसमें रुधिर में लौह तत्व की मात्रा बढ़ जाती है।)
• गैर मादक स्टीटोहेपेटाइटिस (लीवर में वसा का जमाव हो जाने से लीवर धीरे-धीरेनष्ट हो जाता है।
मोटापा, डायबिटीज लीवर सिरोसिस का प्रमखु कारण है।)
शरुुवाती सिरोसिस सामान्य लक्षण में– थकान महससू करना।
• अनिद्रा आना।
• जीमि चलाना।
• लिवर की जगह स्पर्श करनेपर दर्द होना।
• कमजोरी होना।
• हाथ लाल होना।
• वजन कम होना।
सिरोसिस बढ़नेपर लक्षण में– चक्कर आना।
• मसड़ूों सेखनू बहना।
• पेशाब का रंग गहरा होना।
• यौन इच्छा मेंकमी आना।
• बाल झड़ना।
• उल्टी मेंखनू आना।
• नाक सेखनू आना।

निदान

लीवर सिरोसिस का इलाज उसके कारणों पर निर्भर र्होता है: – शराब पीने सेसिरोसिस होता है, तो पहले शराब
पीना छोड़, इससे बीमारी बढ़ने की रफ्तार धीमी हो जाएगी. हेपेटाइटिस B या C से पीड़ित सिरोसिस के
मरीजों को डाक्टर पहले एंटीवायरल दवाए देकर लीवर कोशिकाओंको क्षतिग्रस्त होनेसेबचाए. अगर कोई
मरीज आॅटोइम्यनु बीमारी के कारण से या फिर विल्सन डिजिज, या Hemochromatosis से सिरोसिस से पीड़ित
है तो उसके इलाज अलग-अलग होंगे. दवा के जरिये सिरोसिस के लक्षणों को नियत्रिंत्त किया जा सकता है.
एडिमा या जलोदर का इलाज आहार में नमक को नियत्रिंत्त कर किया जा सकता है. इस दवा को ड्यरूाइटिस के
नाम से जाना जाता है |इसका इस्तमे ाल एडिमा के दौरान अतिरिक्त फ्लडू जमा होने पर उसे निकालने के लिए
किया जाता है. दवा और आहार की सहायता से इस बीमारी की वजह से मानसिक कार्य प्रभावित होनेवाले
मरीजों का आरंभिक इलाज किया जाता है.

बचाव

बचाव करनेके लिए निम्नलिखित उपाय अपना सकते है।
• यदि आपको लिवर सिरोसिस अल्कोहल पिनेके कारण हुआ है तो शराब का सेवन करना बदं कर देना
चाहिए। शराब लिवर को तजे गति से हानि पहुंचाता है।
• आपको अपनेआहार में स्वस्थ भोजन करना चाहिए, जिसमे ताजी हरी सब्जिया, फल को शामिल
करे। तले और अधिक मसाले वाले भोजन कम करे। इसके अलावा चाय, कॉफी कम ले।
• लिवर की बीमारी से बचने के व्यक्ति को खदु हेपेटाइटिस से बचना चाहिए। हेपेटाइटिस बी और सी
दोनों सक्रंमण असरुक्षित यौन सबंधं बनानेया उपयोगी इंजेक्शन से होता है। यौन सबंधं की बीमारी से बचने के
लिए कंडोम का उपयोग कर सकते हैऔर अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाई सईु का उपयोग न करे बल्कि
हमेशा नयी सईु लगवाएं।
• अगर किसी व्यक्ति को नॉन एल्कोहलि क फैटी लिवर रोग हो रहा है तो आपको स्वस्थ वजन को
बनाये रखना चाहि ए। क्योंकि लिवर में समस्या होने से सिरोसिस विकसित हो सकता है इसलिए रोजाना
व्यायाम करेऔर भोजन में सतंलिुलित आहार का सेवन करें।

Dr Ashutosh Tiwari
MBBS,DNB,FICM,CTCCM,IDCCM,MNAMS(INDIA)
PHYSICIAN/INTENSIVIST

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